#शोक_समाचार
ओम हरि ओम
आज विश्व विख्यात वैज्ञानिक सामाजिक चिंतक राम प्रसाद जी का प्रातः 4:00 बजे अपने निवास मयूर विहार दिल्ली में निधन हो गया।
उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के निगमबोध घाट में आज दोपहरी में किया गया। उनकी चिता को मुखाग्नि उनकी सुपुत्री पल्लवी व बेटे रमेश ध्यानी सहित परिजनों ने दी।
उनको अंतिम विदाई देने के लिए निगम बोध घाट में वरिष्ठ पत्रकार ब्योमेश जुगरान, वरिष्ठ समाजसेवी महेश चंद्रा, प्यारा उत्तराखंड के संपादक देव सिंह रावत, पत्रकार विनोद ढोंडियाल सहित बड़ी संख्या में उनके परिजन उपस्थित थे।मुझे उनके निधन की खबर उनके पुत्रवधू वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगरान ध्यानी ने दूरभाष पर दी थी।
1931 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के #जडाऊखाल_नैनी_डांडा क्षेत्र में जन्मे राम प्रसाद ध्यानी भारत के प्रतिष्ठित #डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक रहने के साथ में विश्व वैज्ञानिक संस्थान की संस्थापक भी रहे। वे वर्षों तक #प्यारा_उत्तराखंड साप्ताहिक समाचार पत्र में #फट्टे_की_सरकार नामक लोकप्रिय स्तंभ की लेखक भी रहे। इंटरनेटी दुनिया के प्रखर वैज्ञानिक सामाजिक चिंतक के रूप में भी विख्यात रहे। उनका पूरा जीवन टेक्निकल नर्सरी #ट्रनोर्ड के लिए समर्पित रहा परंतु दुर्भाग्य रहा कि देश सहित उत्तराखंड के हुक्मरानों को उनके विकास को समर्पित वैज्ञानिक दृष्टिकोण जिसके आधार पर चीन ने विश्व में अपना परचम लहराया है, उसे समझने की कुब्बत ना होकर अमल में न ला पाये। वैज्ञानिक राम प्रसाद ध्यान की निधन से देश सहित विश्व ने एक प्रखर वैज्ञानिक सामाजिक चिंता खो दिया। जो दिन रात हजारों लोगों को वैज्ञानिक विकास की पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते थे। उनके निधन पर उनकी पुण्य आत्मा को शत-शत नमन करते हुए भावभीनी #श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।