3 मई को जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद हुए देश के पांच जाबांज
अल्मोड़ा (प्याउ)।
3 मई को जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में पाकिस्तानी आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद हुए देश के पांच जाबांजो में से एक जांबाज उत्तराखंड का भी था।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भनोली तहसील के मिरगांव (ध्याड़ी) के निवासी 25 बर्षीय सैनिक दिनेश सिंह गैड़ा पाकिस्तानी आतंकवादियों की गोलीबारी के दौरान शहीद हो गये।
5 मई को उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव शरीर मिरगांव(अल्मोड़ा) लाया गया। जैसे ही शहीद दिनेश का पार्थिक शरीर सैनिक टुकड़ी के साथ गांव पहुंचा पूरा माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने जांबाज सपूत को अंतिम विदाई दी ।
वहां उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया भारतीय सेना ने अपने अस्त्रों को उल्टा कर अपने वीर जांबाज साथी को अंतिम विदाई दी।
अचानक अपने लाड़ले इकलौते बेटे दिनेश के शहीद होने की खबर सुनकर माता पिता का हाल रो-रो कर बेहाल हो गया। शहीद दिनेश की दोनों बहनों की शादी हो गई। इनमे से एक का निधन भी हो चुका है।
अपने बेटे के विवाह करने के सपने बुन रहे थे। पर जांबाज बेटे दिनेश की देश की रक्षा करते हुए शहीद होने की खबर ने माता पिता को गहरा आघात लगा।
मई की सुबह जैसे ही यह खबर आयी कि जम्मू कश्मीर के हंदवाडा इलाके में सुरक्षा बलों ने एक घर में घुस कर घरवालों को बंधक बनाने वाले आतंकियों में हुई मुठभैड में भारतीय सेना का एक कर्नल,एक मैजर सहित 5 जांबाज शहीद हो गये। इस मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा और मेजर अनुज सूद, नायक राजेश और लांस नायक दिनेश के साथ जम्मू कश्मीर पुलिस के उप-निरीक्षक शकील काजी भी शहीद हो गए। शहीद हुए कर्नल आशुतोष शर्मा 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी थे तथा उन्हें कश्मीर में दो बार वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका था।
इस घटना से दो दिन पहले भी अनैक जांबाज, पाक पोषित आतंक से जुझते हुए शहीद हो गये।